Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi | प्राकृतिक संसाधन (Natural resources) Best science notes

Chemistry Class 9th Chapter 5 in Hindi :BSEB Class 9th chapter 5 Notes in Hindi: Chemistry CLASS 9th CHAPTER 5 NOTES IN HINDI प्राकृतिक संसाधन(Natural resources) class 9th chapter 5 notes in Hindi NCERT notes class 9th chapter 5 class 9th Chemistry chapter 5 notes in Hindi :Chemistry CLASS 9th CHAPTER 5 NOTES IN HINDI Chemistry class 9th chapter 5 pdf 9th class notes class 9th science notes chapter 5 class 9th Chemistry chapter 5 9th science notes in Hindi

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi
Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

हम आपके लिए इस chapter प्राकृतिक संसाधन(Natural resources) में कम समय में परिक्षा की तैयारी करने के लिए शाँट नोट्स लाए है। जिनसे आप अपनी परिक्षा की तैयारी कम से कम समय में कर पायेंगे । इस पोस्ट में हमने इस chapter का हरेक point को आसान भाषा में cover कियें है जो आप कभी नहीं भुल पाएंगे

प्राकृतिक संसाधन (Natural resources)

वे साधन जिनका उपयोग मनुष्य अपने भोजन और विकास के लिए करता है प्राकृतिक संसाधन कहलाता है जैसे वायु जल मिट्टी ऊर्जा इत्यादि |

संसाधन के प्रकार

नवीकरणीय संसाधन – वायु , सुर्य का प्रकाश

अनवीकरणीय संसाधन – कोयला , पेट्रोल

ओजोन (Ozone)

ओजोन एक गैस है जो सूर्य ऊर्जा के प्रवाह में ऑक्सीजन के अणुओं के टूटने से बनती है ओजोन का सुत्र O3 होता है।

क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC)

रसायनों का वह समूह जो समताप मंडल में स्थित ओजोन परत के नष्ट का कारक है CFC कहलाता है

क्षोभमंडल

ऐसा मंडल जो पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर से 12 किलोमीटर ऊंचाई तक होती है क्षोभमंडल कहलाता है

  • क्या आप जानते हैं इसमें 165 किलोमीटर ऊंचाई पर जाने पर तापमान में 1°C की कमी होती है |

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

समतापमंडल

वायुमंडल के क्षेत्र को समताप मंडल कहा जाता है जो पृथ्वी की सतह से 50 किलोमीटर की ऊंचाई तक होता है इस मंडल में ओजोन गैस उपस्थित होता है |

पराबैंगनी किरणों से हानि

पराबैगनी किरणों की खोज सर्वप्रथम रीटर नामक वैज्ञानिक ने किया था इससे होने वाले हानि इस प्रकार से है |

  • मोतियाबिंद
  • त्वचा का कैंसर
  • जीवधारियों के डीएनए में परिवर्तन
  • सभी समुद्री जीवो का क्षतिग्रस्त होना
  • पेड़ पौधों का नुकसान

ओजोन परत के क्षय का कारण

ओजोन परत के क्षय का सबसे बड़ा कारण मनुष्य है जो अपने उपयोग में लाए जाने वाले पदार्थ से करता है जैसे दाढ़ी बनाने में जिस साबुन का उपयोग करता है उससे रासायनिक पदार्थों से अनेकों प्रकार के पेंट से यह वायुमंडल के समताप मंडल में पहुंचकर ओजोन से क्रिया करता है और ओजोन परत में धीरे-धीरे छिद्र कर रहा है |

वाह्यमंडल

पृथ्वी की सतह से 640 किलोमीटर से 2700 किलोमीटर के बीच की ऊंचाई को वाह्यमंडल कहा जाता है और इसके ऊपर वाला क्षेत्र अंतरिक्ष कहलाता है क्या आप जानते हैं एक साधारण मनुष्य को रोज 250 से 265 किलोग्राम हवा की जरूरत होती है |

  • गतिशील हवा को पवन कहा जाता है

स्थल हवा

स्थल सूर्य का गर्मी पाकर बहुत जल्द ही गर्म हो जाता है और स्थल की सबसे पहले ऊपरी सतह गर्म होती है तथा इसके तुलना में जल सूर्य का गर्मी पाकर जल्दी से गर्म नहीं हो पाता है |

अम्लीय वर्षा

नाइट्रिक अम्ल तथा सल्फ्यूरिक अम्ल का जलवाष्प के साथ अभिक्रिया कर वर्षा की बूंद के रूप में पृथ्वी की सतह पर पडना जिसमें अम्ल उपस्थित होता है अम्लीय वर्षा कहलाता है |

  • ऐसा क्षेत्र है जहां पर 200 सेंटीमीटर से अधिक वार्षिक बारिश होती है नमक्षेत्र कहलाता है
  • ऐसा क्षेत्र जहां पर 100 सेंटीमीटर से 200 सेंटीमीटर के बीच वार्षिक बारिश होती है मध्यम वर्षा क्षेत्र कहलाता है
  • ऐसा क्षेत्र जहां पर 50 सेंटीमीटर से 100 सेंटीमीटर वार्षिक बारिश होती है अर्द्धशुष्क क्षेत्र कहलाता है
  • ऐसा क्षेत्र जहां पर 20 सेंटीमीटर से 50 सेंटीमीटर वार्षिक बारिश होती है शुष्क क्षेत्र कहलाता है

जल चक्र (Water cycle)

क्योंकि हम जानते हैं कि जल की तीन अवस्थाएं होती है ठोस द्रव तथा गैस तथा जब पहाड़ी पर पानी जम जाती है और बर्फ बन जाती है लेकिन जब सूर्य की गर्मी उस बर्फ पर पड़ती है तो पिघल कर बर्फ नदियों तालाबों तथा समुद्रों तक आ जाती है तब समुंद्र की जल गर्म होकर भाप में बदलकर बादल का रूप ले लेती है और ठंडी हवा के संपर्क में आकर बारिश बन पृथ्वी की सतह पर पड़ने लगती है हम जानते हैं कि जल जीवधारियों तथा तलाब पोखरा में भी उपस्थित रहता है और यह वाष्पीकृत होकर पुनः बादल का रूप ले लेता है यह प्रक्रिया बार-बार दोहराया जाता है जिसे जल चक्र कहते हैं |

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

आयनमंडल

समताप मंडल के ऊपर पृथ्वी की सतह से 80 से 640 किलोमीटर के बीच पाए जाने वाले क्षेत्र को आयन मंडल कहते हैं |

हरित गृह प्रभाव (Green house effect)

पृथ्वी के चारों ओर कार्बन डाइऑक्साइड के एक पट्टी होती है यह पट्टी स्वत: प्रकाश की किरणें को सोखती है जिससे वायुमंडल गर्म होती है एवं पट्टी पृथ्वी पर उत्पन्न होने वाली उष्मा को बाहर जाने से रोकती है इस प्रकार पृथ्वी के वायुमंडल के भस्म होने को ग्रीन हाउस प्रभाव कहते हैं

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

वायु प्रदुषण (Air Pollution)

वायु में ऐसे अवांछित पदार्थ की मिलावट जिससे उसका प्राकृतिक गुण विकृत हो जाए एवं वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन जाए वायु प्रदूषण कहलाता है |

पृथ्वी एक अद्वितीय ग्रह है क्यों?

पृथ्वी एक अद्वितीय ग्रह है क्योंकि इस पर वायुमंडल है और वायुमंडल के कारण जीवन भी है यह जीवन प्रक्रम को सहारा देती है |

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

जल प्रदुषण (Water pollution)

जल में अवांछनीय पदार्थों की मिलावट जिसके कारण जल की प्राकृतिक गुणवत्ता घटती है वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाती है जल प्रदूषण कहलाता है |

जैव भु रसायन चक्र

जैव मंडल में मिट्टी जल और जीव धारियों के माध्यम से रासायनिक पदार्थों जैसे कार्बन नाइट्रोजन फास्फोरस गंधक इत्यादि का चक्रीय पथ में भ्रमण करना जैव भु रसायन चक्र कहलाता है |

Chemistry class 9th chapter 5 in Hindi

ह्युमस

जीव जंतुओं के मृत अवशेषों के सड़ने गलने अथवा पशुओं के उत्सर्जित पदार्थों के जैविक अपघटन से बना काले भूरे रंग का द्रव पदार्थ जो पौधे में वृद्धि और विकास के लिए बहुत उपयोगी होता है ह्युमस कहलाता है |

नाइट्रोजन स्थिरीकरण

वह क्रिया जिसके द्वारा तत्व नाइट्रोजन को अन्य तत्वों से मुक्त कराकर पेड़ पौधे द्वारा उपयोग किए जाने योग्य यौगिक का उत्पादन किया जाता है नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहलाता है |

जीवाणु –                              काम

  • राइजोबियम→         नाइट्रोजन स्थिरीकरण
  • नाइट्रोसोमोनास→     अमोनिया का नाइट्राइट में परिवर्तन
  • नाइट्रोबैक्टर→         नाइट्राइट को नाइट्रेट में बदलना
  • सुडोमोनास→         नाइट्रेट से नाइट्रोजन का मुक्तिकरण

Also Read

Chemistry class 9th chapter 1 in Hindi

Chemistry Class 9th Chapter 2 in Hindi

Chemistry Class 9th Chapter 3 in Hindi

Chemistry class 9th chapter 4 in Hindi

Leave a Comment